भारत में मकान मालिक होना एक अच्छा निवेश है, लेकिन कई फ्लैटों या व्यावसायिक संपत्तियों के किराएदारों से समय पर किराया मांगना और मकान की मरम्मत के खर्चों का रिकॉर्ड रखना झंझट भरा काम है। मकान मालिकों को अक्सर बैंक में किराए की जाँच करने और किराएदारों को याद दिलाने में काफी समय लगता है।
जाह्नवी लिटिकएआई का हाउस रेंट ट्रैकर मकान मालिकों को स्वतंत्र रूप से किराया और खर्चों को ऑफलाइन प्रबंधित करने की पूरी आजादी देता है।
मकान मालिकों के लिए डिजिटल रेंट ट्रैकिंग के फायदे
- संपत्ति-वार रिकॉर्ड: अपनी विभिन्न संपत्तियों (फ्लैट 1, दुकान ए आदि) का बहीखाता अलग-अलग रखें।
- एचआरए रेंट रसीदें: नौकरीपेशा किराएदारों के लिए एचआरए क्लेम के लिए तुरंत पीडीएफ रसीद जनरेट करें।
- खर्चों को रिकॉर्ड करें: प्लंबिंग, पेंटिंग या टैक्स भुगतान जैसे खर्चों को दर्ज करें ताकि वास्तविक मुनाफे का पता चले।